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Showing posts from October, 2018

ईमान

दिल-ओ-दिमाग और ईमान सब काले पड़ गए, एक ज़बान थी चाट चाट कर उसमें भी छाले पड़ गए। जब भी जीतना चाहा इंसान को इंसानियत से, बीच में मंदिर,मस्जिद और शिवाले पड़ गए। सभी चश्मदीद हैं यहाँ गु...

मंदिर

जो चलते है डर डर के उन्हें और तनिक डराएंगे , कसम राम की खाते हैं हम मंदिर वहीं बनाएंगे। कसम राम............... शरीफ पगड़ियों ने सियासी शमशीर से कहा है, हम सेंवई ईद की खाते हैं दीवाली की खीर भी खाएंगे। कसम राम............... दहशत के अंधेरों में अमन के चरागों पर, हम जम्मू तक तो जाते हैं,काशमीर भी जाएंगे। कसम राम............... मज़हबी अलम गिरेंगे , इंसानियत का परचम होगा, जब देश में बाबा बुल्लेशाह और संत कबीर पढ़ाएंगे। कसम राम...............

झूठ

तेरे काफिले उनको हज के बराबर है, जिनको तेरे झूठ भी सच के बराबर है।