मोह माया।
जुबा पे नारायण,जेबों पर गांधी जी की छाया है,
सब दुनियादारी है,सब मोह माया है।
सब दुनिया....................
दीवारों पर राम नाम आंगन में अंधों का डेरा है,
गुफा के अंदर कुछ और छुपाया है।
सब दुनिया....................
नंगे पैर खुले बदन मुफलिसी में ज़िन्दगी गुज़ार दी,
कुछ महापुरुषों ने शीशे के महल बनाया है।
सब दुनिया....................
रिश्ते नाते यारी दोस्ती सब त्याग दिया,
बगल में गोरी चमड़ी की काया है।
सब दुनिया....................
रोज़ाना काम काम काम क्या चीखते हो?,
कमंडल उठाओ नया रोज़गार आया है।
सब दुनिया....................
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