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Showing posts from March, 2017

सरकार कहते हो?

गुनाह तुम करो और हमें गुनाहगार कहते हो, ये अली बाबा 40 चोर हैं और तुम सरकार कहते हो। ये सियासत है इसमें तमाम ईमान बिक गए, गरीबों से छीन के गरीबों को बाटते हैं और तुम मददगार कहते ह...

समझो।

हो सके तो किसी को समझना सीखो, समझाने वाले  दुनिया में बहुत मिलेंगे।

हमदर्दी

वो हमदर्दी देते हैं अब नक़ाब रक्खूँगा, लोग सयाने हैं चेहरा पढ़ लिया करते हैं।