Posts

Showing posts from September, 2018

मज़ा

हर मौसम हर शाम-ओ-सहर का मज़ा लो, मंज़िलों को छोड़ो यार सफर का मज़ा लो। सुबह गुलशन शाम गुलज़ार करो, जब सब सोते हों उस पहर का मज़ा लो।