सालों पहले बोया पेड़,उसकी छांव तेरे आंगन तक आती तो होगी, उसके तने पर खुदरे हुए नाम देखकर तुझे शर्म आती तो होगी, बुस्तां में अकेले बैठकर रोया करती है तू तुझे देखकर तितलियां तुझ...
दिल जीत ले वो असर हम भी रखते हैं, भीड़ में भी आए नज़र वो असर हम भी रखते हैं, यूँ तो वादा किया है किसी से हर दम मुस्कुराने का वरना इन आँखों में समंदर हम भी रखते हैं।